भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा - जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी महाराज (ज्योतिर्विद महावीर कुमार सोनी द्वारा किये गए प्रश्न के उत्तर का स्वामीजी द्वारा समाधान।)



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“सेवा कोई कार्य नहीं, यह तो जीवन की साधना है। जब हम किसी असहाय को संबल देते हैं, तभी हमारा जीवन सार्थक होता है।” – नवीन कुमार भंडारी