जयपुर के 150 वार्डों में आचार्य परंपरा को 10 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव, प्रत्याशी का चयन जन्म जाति से पहले कर्म के आधार पर किए जाने की मांग
जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में 150 वार्डों के प्रतिनिधित्व के संदर्भ में जयपुर के योगाचार्यों एवं आयुर्वेदाचार्यों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से भेंट कर तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखित प्रस्ताव के माध्यम से भारतीय आचार्य परंपरा को स्थानीय निकाय में प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव रखा है। इंडियन योगा एसोसिएशन के प्रदेश मीडिया समन्वयक एवं सूर्यवंशम योगा के संस्थापक योगाचार्य मनीष विजयवर्गीय "सूर्यवंशी" एवं शिव शक्ति योग के संस्थापक योगाचार्य रूपनारायण जेदिया ने भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मिलकर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों के चयन के संबंध में निवेदन रखा तथा मुख्यमंत्री को लिखित प्रस्ताव में लिखा कि भारतीय लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व प्रायः सामाजिक एवं जातीय समीकरणों के आधार पर निर्धारित होता रहा है। इसके साथ ज्ञान, कर्म, योग्यता, संस्कार एवं लोकसेवा को भी प्रतिनिधित्व का आधार बनाए जाने पर विचार किया जाना चाहिए। भगवद्गीता की प्रेरणा मनुष्य के मूल्यांकन में उसके गुण और कर्म को महत्व देने की है। इसी भावना से जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों म...