ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना का बड़ा संदेश, आतंक के खिलाफ कार्रवाई जारी

जयपुर। राजधानी जयपुर गुरुवार को सैन्य गौरव का केंद्र बनी रही, जहां सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की पहली वर्षगांठ मनाई। जयपुर मिलिट्री स्टेशन में आयोजित प्रेस वार्ता में लेफ्टिनेंट जनरल Rajiv Ghai, एयर मार्शल Awadhesh Kumar Bharti और वाइस एडमिरल AN Pramod ने संयुक्त रूप से कहा कि यह ऑपरेशन आतंकवादियों और उनके समर्थन ढांचे के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत ने 13 पाकिस्तानी विमान गिराए, 11 बेस तबाह किए और 100 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।

डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, यह तो केवल शुरुआत है।” उन्होंने दुष्यंत कुमार के शेरों के जरिए सेना के जज्बे को बयां करते हुए कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सेना अब 65 प्रतिशत स्वदेशी हथियारों का उपयोग कर रही है।

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहलगाम हमले का घाव गहरा था। उन्होंने कहा, “हम शहीद भाई-बहनों को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि दोबारा ऐसी हिमाकत न हो।” उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तीनों सेनाओं के प्रमुखों को ‘फुल ऑपरेशनल फ्रीडम’ दी गई थी। हर विकल्प पर संतुलित लेकिन बेहद सख्त तरीके से विचार कर कार्रवाई की गई, जिसमें दुश्मन के लिए किसी भी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहा है और आगे भी लड़ता रहेगा। देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। साथ ही दुश्मन को यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि अब कोई भी आतंकी ठिकाना सुरक्षित नहीं है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की ओर से निशाना बनाए गए 9 आतंकी शिविरों में करीब 100 आतंकवादी और पाकिस्तान के 100 से अधिक सैनिक मारे गए। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर सामने आई पाकिस्तान के सम्मान और पुरस्कारों की सूची से यह संकेत मिला कि कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर झड़पों में भी पाकिस्तान के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए। उन्होंने बताया कि कड़ी मार झेलने के बाद विरोधी पक्ष को स्थिति की गंभीरता समझ आई और संघर्ष विराम का अनुरोध किया गया। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने खुद उन्हें फोन कर कार्रवाई रोकने की अपील की थी। अनुरोध मिलने के बाद भारत ने अपनी कार्रवाई रोक दी।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान में मौजूद कोई भी आतंकी ठिकाना अब सुरक्षित नहीं है। भारत जरूरत पड़ने पर सीमा पार स्थित आतंकी ढांचों को निशाना बनाने में सक्षम है। आत्मनिर्भर भारत के तहत 65 प्रतिशत हथियार अब देश में ही तैयार हो रहे हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने कहा कि जल्द ही डिफेंस स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन डिवीजन स्थापित किया जाएगा। यह डिवीजन एआई आधारित उपकरणों की मदद से रियल टाइम में दुष्प्रचार और गलत सूचनाओं का मुकाबला करेगा। वहीं वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि यह अभियान तीनों सेनाओं के बेहतरीन संयुक्त समन्वय का उदाहरण था।

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि 7 मई 2025 की तड़के जब पहला लक्ष्य भेदा गया, तब वह भारत की जनता की शक्ति और संकल्प का दुश्मन की धरती तक पहुंचा स्पष्ट संदेश था। उन्होंने दावा किया कि पूरे अभियान में भारत के किसी सैन्य या नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि भारत ने 13 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट और 11 बेस तबाह किए, 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया और 11 एयरफील्ड ध्वस्त किए। इनमें एक एयर वार्निंग विमान भी शामिल था, जिसे 300 किलोमीटर से अधिक दूरी से मार गिराया गया।

रक्षा मंत्री Rajnath Singh गुरुवार शाम जयपुर पहुंचे। वे एयरपोर्ट से सीधे जयपुर मिलिट्री स्टेशन पहुंचे और ज्वाइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑपरेशन सिंदूर पर बनी 27 मिनट 51 सेकंड की डॉक्यूमेंट्री जारी की, जिसमें भारत की ओर से पाकिस्तान को दिए गए जवाब के कई दृश्य दिखाए गए। इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भी मौजूद रहे। दो दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस में आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्वदेशीकरण समेत कई आंतरिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बाद में रक्षा मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी जारी किया।

इसी क्रम में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री Narendra Modi, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की डीपी बदली। काले रंग की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ डीपी लगाई गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। हमारी सेना ने अपने साहस का परिचय देते हुए पहलगाम हमले के दोषियों को करारा जवाब दिया। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है। आज, एक साल बाद भी हम आतंकवाद को हराने और उसके माहौल को खत्म करने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग हैं।”

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