3 जुलाई को वेव्स ओटीटी पर रिलीज होगी राजस्थान की पहली वैश्विक पहचान बनाने वाली फिल्म ‘ओमलो’
जयपुर। राजस्थान की मिट्टी की सोंधी महक, वहां की संस्कृति, लोक जीवन और भावनाओं को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मंचों तक पहुंचाने वाली राजस्थानी-हिंदी फिल्म “ओमलो” अब दर्शकों के दिलों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचने के लिए तैयार है। प्रतिष्ठित कान्स फिल्म मार्केट में अपनी विशेष स्क्रीनिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त सराहना हासिल करने के बाद अब यह चर्चित फिल्म 3 जुलाई 2026 को वेव्स ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है। अपनी भावनात्मक कहानी, राजस्थानी संस्कृति की आत्मा और वैश्विक स्तर पर मिल रही पहचान के कारण “ओमलो” लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है।
फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस जयपुर में आयोजित की गई, जहां अभिनेता, लेखक, निर्देशक और निर्माता सोनू रणदीप चौधरी, निर्माता रोहित माखीजा, मनीष गोपलानी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीत निर्देशक एवं गायक गाजी खान बरना, सह-निर्माता अजय राठौर, मुख्य अभिनेता शंभू महाजन, देव शर्मा, महेश जिलावा, वंदना गुप्ता तथा हेड ऑफ प्रोडक्शन एवं आर्ट डायरेक्टर यतीन राठौड़ ने मीडिया से बातचीत की।
फिल्म “ओमलो” बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ स्थित धोळिया गांव में पूरी तरह शूट की गई है। यह कहानी एक सात वर्षीय बच्चे और एक ऊंट की समान परिस्थितियों में गुजरती जिंदगी के जरिए दर्द, संघर्ष, असहायता और समाज की सोच को बेहद संवेदनशील तरीके से सामने लाती है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी संपूर्ण शूटिंग राजस्थान में हुई है और इसमें राजस्थान के स्थानीय कलाकारों तथा वास्तविक किरदारों को ही शामिल किया गया है। फिल्म पूरी तरह राजस्थान की संस्कृति, लोक जीवन और भावनाओं का सजीव चित्रण करती है।
फिल्म ने अपनी भावनात्मक कहानी और सशक्त प्रस्तुति के दम पर देश और विदेश के फिल्म समारोहों में पुरस्कारों की झड़ी लगा दी है। अमेरिका के अटलांटा इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान अपने नाम किया। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक पुरस्कार हासिल किए, जबकि गोल्डन ज्यूरी अवॉर्ड्स में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक सम्मान मिला। बॉलीवुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में “ओमलो” ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार जीते।
वहीं विंध्य इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान हासिल किया। ग्लोबल बेंगलुरु फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार पुरस्कार से नवाजा गया। लगातार मिल रही इन उपलब्धियों ने “ओमलो” को क्षेत्रीय सिनेमा की एक मजबूत और वैश्विक पहचान बना दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोनू रणदीप चौधरी ने कहा, “‘ओमलो’ सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि राजस्थान की आत्मा, यहां की संस्कृति और लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। हमारी कोशिश थी कि हम ऐसी कहानी कहें जो स्थानीय होकर भी दुनिया के हर व्यक्ति के दिल तक पहुंचे। कान्स जैसे प्रतिष्ठित मंच पर फिल्म की प्रस्तुति हमारे लिए गर्व का क्षण था और अब हमें बेहद खुशी है कि यह फिल्म वेव्स ओटीटी के माध्यम से दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “राजस्थानी भाषा और यहां की लोक कहानियों में अपार शक्ति है। वेव्स ओटीटी के माध्यम से ‘ओमलो’ विश्व के 120 देशों तक पहुंचेगी। फिल्म के जरिए पूरी दुनिया राजस्थान की खूबसूरती, संस्कृति और यहां की कहानियों को करीब से देख पाएगी। इससे राजस्थान के फिल्म उद्योग और यहां के कलाकारों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि ‘ओमलो’ क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
निर्माताओं ने बताया कि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म सर्किट में जबरदस्त सराहना मिली है और इसकी भावनात्मक कहानी ने विभिन्न देशों के दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाया है। फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि समाज के उन पहलुओं को भी सामने लाना है जिन पर अक्सर कम चर्चा होती है।
राजस्थानी भाषा, लोक संस्कृति और संवेदनशील सामाजिक भावनाओं से जुड़ी “ओमलो” अब अपनी वैश्विक यात्रा के बाद ओटीटी पर एक नए और बड़े सफर की शुरुआत करने जा रही है।
फिल्म “ओमलो” 3 जुलाई 2026 को वेव्स ओटीटी पर रिलीज होगी।

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