खाटू श्याम पदयात्रियों की सुविधा को लेकर जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
संस्कार सृजन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह कुमावत के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
जिला कलेक्टर और एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर को करवाया परेशानी से अवगत
चौमूं / जयपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी फाल्गुन माह में बाबा श्याम का लक्खी मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। विभिन्न समाजसेवी लोगों और संस्थाओं द्वारा भंडारा लगाकर पद यात्रियों की सेवा की जाती है, जो सराहनीय रहती है। मेले के दौरान पद यात्रियों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है | इसी को लेकर आज संस्कार सृजन संस्था चौमूं के कार्यकारी अध्यक्ष और पशु क्रूरता निवारण समिति जयपुर के सदस्य शेर सिंह कुमावत के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुकेश कुमार मूंड को विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा।
कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह कुमावत ने बताया कि ज्ञापन में भंडारा आयोजकों द्वारा प्रचुर मात्रा में प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग पर पाबंद करने, एनएच 52 पर पदयात्रियों के लिए बने क्षतिग्रस्त श्याम पथ को दुरुस्त करवाने, भंडारा आयोजकों को श्यामपथ की परिधि को छोड़कर ही टेंट लगाने की अनुमति देने, भंडारे के दौरान फैली गंदगी और कूड़े-कचरे के निस्तारण करने के लिए आयोजकों को पाबंद करने और श्याम पद यात्रियों के लिए चल शौचालय की व्यवस्था करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
शेर सिंह ने आगे बताया कि भंडारे के दौरान प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग से पर्यावरण दूषित होता है और निराश्रित गोवंश कूड़ा कचरा खाकर अकाल मृत्यु का शिकार बनता है, इससे बचाया जा सकेगा। श्याम पथ के दुरुस्त होने से पद यात्रियों को सुगम और सुरक्षित पथ मिल सकेगा | श्याम पथ को छोड़कर भंडारा लगाने से सड़क हादसों में कमी के साथ-साथ नेशनल हाईवे पर वाहनों को रोड जाम से निजात मिलेगी। साथ ही कूड़ा कचरे का समय पर निस्तारण होने से श्याम पदयात्रियों और स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। वहीं चल शौचालय की व्यवस्था होने से गंदगी नहीं फैलेगी और बाबा श्याम के प्रति धार्मिक आस्था बनी रहेगी।
ज्ञापन में जिला कलेक्टर से संबंधित विभाग एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन और भंडारा आयोजकों को तत्काल निर्देशित करने की मांग की गई। वहीं एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय आर्य को टांटियावास टोल प्रशासन द्वारा बंद पड़ी रोड लाइटो को चालू करवाने, सड़क किनारे पड़े गड्ढों को भरवाने और पशु विचरण क्षेत्र के संकेतक लगाने सहित उपरोक्त मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर हनुमान सहाय मीणा, लोकेश डेनवाल, विजय कुमावत सहित कई लोग मौजूद रहे।
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