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अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा-2017 ने पश्चिम बंगाल में बढ़ती जिहादी गतिविधियों की कड़े शब्दों में निंदा की

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा, पश्चिम बंगाल में जिहादी तत्वों के निरन्तर बढ़ रहे हिंसाचार, राज्य सरकार द्वारा मुस्लिम वोट-बैंक की राजनीति के चलते राष्ट्र-विरोधी तत्वों को दिये जा रहे बढ़ावे तथा राज्य में घटती हिन्दू जनसंख्या के प्रति, गहरी चिन्ता व्यक्त करती है। भारत-बांग्लादेश सीमा से मात्र 8 कि.मी. अन्दर स्थित कालियाचक (जिला - मालदा) पुलिस स्टेशन पर राष्ट्रविरोधी जिहादी तत्वों द्वारा आक्रमण कर लूट-पाट करने, आपराधिक रिकार्ड जला देने तथा राज्य में अनेक स्थानों पर सुरक्षा बलों पर हमलों की बढ़ती घटनाएँ , राष्ट्रीय सुरक्षा व कानून व्यवस्था के लिये गंभीर चुनौती बन गई हैं। कट्टरपंथी मौलवियों द्वारा हिंसा को बढ़ावा देने वाले फतवे खुलेआम जारी किए जा रहे हैं। कटवा, कलिग्राम, ईलामबाजार, मेटियाबुरुज (कोलकाता) सहित अनेक स्थानों पर कट्टरपंथियों द्वारा हिन्दू समाज पर आक्रमण किये जा रहे हैं। कट्टरपंथियों के दबाव में सीमावर्ती क्षेत्रों से हिन्दू समाज बड़ी संख्या में पलायन को विवश हो रहा है। इन्हीं तत्वों द्वारा जाली मुद्रा तथा गोवंश की तस्करी व घुसपैठ को निरन्तर बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्...

जी. एस. टी. क्या है - गठजोड़ 1 मई 2017

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शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गयी टिप्पणी के विरोध में राजस्थान ब्राह्मण महासभा, अजमेर के प्रतिनिधी मण्डल ने मुख्यमंत्री के नाम उनके एडीसी सहित, राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित, नेता प्रतिपक्ष रामनारायण डूडी सहित प्रदेश के विभिन्न नेताओं को भी ज्ञापन दिया|

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मामले में 15 दिन से भी अधिक होने एवं उच्च स्तर पर मांग के बावजूद कोई ठोस  कार्यवाही  ने होने पर समाज में रोष  जयपुर|  राजस्थान ब्राह्मण महासभा अजमेर के प्रतिनिधी मण्डल ने शिक्षा राज्य मंत्री देवनानी द्वारा ब्राह्मण समाज पर कि गयी अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में जयपुर जाकर मुख्यमंत्री व अन्य पदाधिकारियों को  दिनांक 25 अप्रेल को एक ज्ञापन सौंपा।  राजस्थान ब्राह्मण महासभा, जिला अजमेर के अध्यक्ष सुदामा शर्मा द्वारा गठजोड़ को दी गई जानकारी में बताया गया की शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी द्वारा गलती स्वीकार नहीं करने व सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाने पर यह निर्णय लिया गया। श्री शर्मा ने बताया कि गत 8 अप्रैल को जयपुर में एक कार्यक्रम में पत्रकारों द्वारा शिक्षा राज्य मंत्री मंत्री देवनानी से उनके प्रोफेसर होने के बारे में जानकारी चाही थी और बोखलाहट में उन्होने ब्राह्मण समाज द्वारा पंडित शब्द लगाने को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की|  माननीय उच्च न्यायालय में स्वंय को प्रोफेसर घोषित करने के विरूद्ध ब्राह्मण समाज के व्यक्ति ने रिट दायर की एवं माननीय न्...

जानिए जीएसटी के बारें में विस्तार से, जीएसटी का उदभव, परिचय, इसकी मुख्य विशेषताएं एवं इसके लाभ

जीएसटी- अवधारणा एवं वस्‍तु-स्थिति- 15 अप्रैल, 2017 तक परिचय वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जाना भारत में अप्रत्यक्ष कर सुधारों के क्षेत्र में एक अत्‍यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। बड़ी संख्‍या में केन्‍द्रीय एवं राज्‍य करों को मिलाकर उन्‍हें एकल कर यानी जीएसटी का रूप देने से करों की बहुतायत अथवा दोहरे कराधान की समस्‍या का समाधान बड़े पैमाने पर हो जायेगा और इसके साथ ही ‘एक समान राष्‍ट्रीय बाजार’ का मार्ग प्रशस्‍त होगा। उपभोक्‍ताओं की दृष्टि से इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वस्‍तुओं पर उन्‍हें अपेक्षाकृत कम कर अदा करना पड़ेगा, जो वर्तमान में लगभग 25-30 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है। यही नहीं, जीएसटी को लागू करने से भारतीय उत्‍पाद घरेलू एवं अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों में प्रतिस्‍पर्धी बन जायेंगे। विभिन्‍न अध्‍ययनों से यह पता चला है कि जीएसटी आर्थिक विकास की गति बढ़ाने में मददगार साबित होगा। अन्तिम महत्‍वपूर्ण बात यह है कि जीएसटी को आसानी से लागू किया जा सकेगा क्‍योंकि यह  पारदर्शी होगा और इसका अनुपालन भी स्‍वत: हो सकेगा। उद्भव 2. जीएसटी की दिशा में कदम बढ़...

ईवीएम में गड़बड़ियों के आरोपों के बारें में क्या है स्थिति, जानिए इस पोस्ट से

पिछले दिनों भारतीय निर्वाचन आयोग की इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों को लेकर आमजनों के मस्तिष्क में कुछ सवाल उठे हैं। निर्वाचन आयोग बार-बार कहता रहा है कि ईसीआई-ईवीएम और उनसे संबंधित प्रणालियां सुदृढ़, सुरक्षित और छेड़खानी-मुक्त हैं।  निम्नांकित बार बार पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यूज़) के उत्तरों के जरिए ईवीएम की अद्यतन प्रौद्योगिकी संबंधी विशेषताओं सहित सुरक्षा विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। इनमें यह भी बताया गया है कि इन मशीनों के विनिर्माण से लेकर भंडारण तक इनके इस्तेमाल के प्रत्येक चरण में कड़े प्रशासनिक उपाय किए जाते हैं।   ईवीएम के साथ छेड़खानी करने का क्या अर्थ है   ?     टैम्परिंग या छेड़खानी का अर्थ है, कंट्रोल यूनिट (सीयू) की मौजूदा माइक्रो चिप्स पर लिखित साफ्टवेयर प्रोग्राम में बदलाव करना या सीयू में नई माइक्रो चिप्स इंसर्ट करके दुर्भावनापूर्ण साफ्टवेयर प्रोग्राम शुरू करना और बैलेट यूनिट में प्रेस की जाने वाली ऐसी ‘कीज़’ बनाना, जो कंट्रोल यूनिट में वफादारी के साथ परिणाम दर्ज न करती हो। क्या ईसीआई-ईवीएम को हैक किया जा सकता है ? ...

आर.टी.आई. एक्टिविस्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ इस क़ानून के नियमों का अधिक से अधिक सरलीकरण कर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जावे

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जयपुर। आर.टी.आई. कानून में नियमों में कुछ बदलाव कर इसे और सरल किया जा रहा है या सूचना लेने की प्रक्रिया को कठिन कर इसे कमजोर किया जा रहा है, इस विषय को लेकर हिंदी पाक्षिक समाचार पत्रिका "गठजोड़" द्वारा दिनांक 12 अप्रेल को संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता न्यायमूर्ति श्री पानाचंद जैन ने की। संगोश्ठी में ऑल इंडिया सोशल मीडिया फोरम के अध्यक्ष एवं सरकारी तंत्र पत्रिका के प्रधान संपादक महावीर कुमार सोनी, राजस्थान आर.टी.आई. एक्टिविस्ट फोरम के अध्यक्ष संजय गर्ग, अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं देश का दर्पण के संपादक उमेन्द्र राजपूत, शाईनिंग टाइम्स मैगज़ीन की उप संपादक एवं आर.टी.आई. एक्टिविस्ट भावना शर्मा, एडवोकेट शिव जोशी, दलित नाद के संवाददाता लोकेश शर्मा, एडवोकेट एन. के.शर्मा, आर.टी.आई. एक्टिविस्ट जुगल किशोर सिंगोदिया एवं गठजोड़ की संपादक सुरेखा सोनी ने विषय पर अपने अपने विचार रखे। सोशल लीडर महावीर सोनी ने सर्वप्रथम सरकार द्वारा इस संबंध में जो स्थिति स्पष्ट की, उस बारे में विस्तार से बताया, जिसमें सरकार के इस कानून को आमजन हित म...

राष्ट्र निर्माण युग - प्रवर्तक डॉ. केशवराव हेडगेवार।

राष्ट्र निर्माण युग - प्रवर्तक डॉ. केशवराव हेडगेवार  विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक प.पू. डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जी के आदर्श एवं प्रेरणादायी जीवन दर्शन के साथ स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका सहित संघ के बारें में अन्य महत्वपूर्ण एवं रोचक सामग्री लिए लेखों का सरल, सुन्दर एवं  स्पष्ट भाषा में सार गर्भित लेखों के साथ संकलन है, हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र  गठजोड़  (GATHJOD) द्वारा प्रकाशित  इस लघु पुस्तिका में, इसे पढने के लिए निम्न लिंक पर जावें :- राष्ट्र निर्माण युग - प्रवर्तक डॉ. केशवराव हेडगेवार।