मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में अधिकारियों ने जांची स्वास्थ्य सेवाएं
जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर रविवार को प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा संस्थानों का गहन औचक निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक व्यापक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत 854 स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर किए गए इस व्यापक निरीक्षण अभियान में 84 जिला अस्पताल, उप जिला एवं सैटेलाइट अस्पताल, 200 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 554 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 16 मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को जांचा गया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में साफ-सफाई, मानव संसाधन, जांच, दवा एवं उपचार की स्थिति का निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इन निरीक्षणों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का पता लगाना था। जहां भी स्वास्थ्य सेवाओं में कमी पाई गई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से सुधार की कार्यवाही की जाएगी।
इन अधिकारियों ने किया निरीक्षण
ये निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किए गए। निरीक्षण में जिला कलेक्टर, सीईओ जिला परिषद, एसडीएम, एडीएम, एसीईओ जिला परिषद, तहसीलदार शामिल रहे। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस सेवाओं की स्थिति भी जांची। निरीक्षण में 96 प्रतिशत एम्बुलेंस कार्यशील स्थिति में पाई गईं। जहां भी एम्बुलेंस की स्थिति ठीक नहीं थी, वहां शीघ्र सुधार किए जाने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा संस्थानों के औचक निरीक्षण के दौरान काम में लापरवाही पर संबंधित कार्मिकों पर नियमानुसार कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार कर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देशित किया गया। साथ ही, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यकतानुसार डीएमएफटी फंड के उपयोग के लिए भी निर्देश दिए।
सफाई व्यवस्था में सुधार के दिए निर्देश
ब्यावर में जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीणा ने अमृत कौर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था खराब पाए जाने पर तुरंत सफाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में सुविधाओं की कमी को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र सुधारने के आदेश दिए। साथ ही डीएमएफटी फंड से बजट जारी कर चिकित्सा उपकरण, फर्नीचर व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बांगर अस्पताल में शौचालयों को नई सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा
इसी प्रकार पाली के बांगर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीवरेज लाइन की समस्या पर जिला कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों और अस्पताल अधीक्षक को मौके पर ही निर्देश दिए गए कि शौचालयों को अतिशीघ्र नई सीवर लाइन से जोड़ा जाए। यहां अग्निशमन प्रणाली का नियंत्रण तंत्र जमीन के नीचे है, जिसके कारण यह काम नहीं कर रहा था। जिला कलेक्टर ने इसके लिए बजट उपलब्ध कराकर समस्या का समाधान किया और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व नगर निगम आयुक्त पाली को अगले 10 दिनों में इसे चालू करने का निर्देश दिया।
कार्मिक अनुपस्थित मिलने पर दिए कार्रवाई के निर्देश
जिला कलेक्टर डीग ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती रोगियों से फीडबैक प्राप्त किया। दोपहर करीब 1 बजे प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारियों की अनुपस्थित पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद झालावाड़ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असनावर का एवं सैटेलाइट अस्पताल झालरापाटन का निरीक्षण किया गया। जिला कलेक्टर उदयपुर ने सैटेलाइट अस्पताल हिरण मगरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन बहुत पुरानी है तथा मरीजों की भीड़ बहुत ज्यादा है। इसके समाधान के लिए क्यू मैनेजमेंट सिस्टम अपनाने के निर्देश दिए।
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